शांतिपुरी में डॉक्टर की नियुक्ति को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने दिया धरना
शांतिपुरी में डॉक्टर की नियुक्ति को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने दिया धरना
शांतिपुरी। शांतिपुरी न02 राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद कोरंगा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने डॉक्टरों की नियुक्ति एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवा की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन व स्वास्थ्य मंत्री व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर आक्रोश व्यक्त किया।

विनोद कोरंगा ने कहा की स्वास्थ्य मंत्री के जुमले डॉक्टर मरीज को ढूंढ रहे है कहना और अस्पताल में डॉक्टर ना होना जनता के साथ भद्दे मज़ाक से कम नही है। उन्होंने कहा 50 हज़ार ग्रामीणों के लिये अस्पताल में महिला व पुरुष डॉक्टर के साथ आपातकालीन सुविधा होना अत्यंत आवश्यक है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग व प्रदेश सरकार के पर कई वर्षो से प्रदेश सरकार पर क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया। जिला पंचायत सदस्य प्रेम आर्या ने कहा कि 50 से 60 हज़ार आबादी वाले क्षेत्र में स्थायी डॉक्टर ना होना सरकार की जनता के लिये उदासीनता दिखाता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अगर डॉक्टर की स्थायी नियुक्ति और आपातकालीन चिकित्सा शुरु ना करने पर अस्पताल में ताला बंदी व सीएमओ ऑफिस में धरना प्रदर्शन किया जायेगा।

वार्ड मेम्बर , रमेश चंद्र जोशी ,दीपा बिष्ट, समाजसेवी चंचल कोरंगा, बिशन सिंह कोरंगा, नारायणी कोरंगा, बीडीसी सरोजनी कार्की, पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष लाल सिंह कोरंगा , प्रेमा पांडे आदि ग्रामीणों ने स्थायी डॉक्टर की जल्द से जल्द नियुक्ति की मांग की। वही ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में दो-दो डॉक्टरों के पद सृजित होने के बावजूद एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं है और ना ही अस्पताल में महिला चिकित्सक मौजूद है। जिसके कारण उन्हें उपचार एवं महिला प्रसव कराने के लिए मजबूरन क्षेत्र से बाहर प्राइवेट महंगे अस्पतालों में जाना पड़ता है। आरोप लगाते हुये कहा कि अस्पताल परिसर में डॉक्टर और कर्मचारी आवास होने के बावजूद वहां कर्मचारियों के नहीं रहने से आज वह पूरी तरह से बंजर एवं जर्जर हालत में हैं। जिसमें अब कोई भी कर्मचारी रहने के लिए राजी नहीं हैं। अस्पताल में करीब 10 से 12 वर्ष पहले 108 एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध थी, दो-दो पुरुष डॉक्टर और महिला चिकित्सक मौजूद हुआ करते थे। वहीं अब लंबे समय से अस्पताल में डॉक्टरों के नहीं होने से 45 से 50 हजार आबादी का यह क्षेत्र चिकित्सा सुविधाओं से पूरी तरह वंचित है। मामले में कई बार लिखा पड़ी करने तथा विभागीय अधिकारियों से डॉक्टरों की तैनाती की मांग करने के बाद कुछ ही समय के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तो कर दी जाती है लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति जस की तस हो जाती है। जिसका खामियाजा स्थानीय ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
वही धरना स्थल पर पहुंचे किच्छा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ राहुल गौड को प्रदर्शनकारियो ने अपना मांग पत्र सोंपा।

वही अधीक्षक डॉक्टर राहुल गौड के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना प्रदर्शन यह चेतावनी देकर खत्म किया कि अगले 10 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह फिर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन एवं जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे। धरना प्रदर्शन करने वालों में जिला पंचायत सदस्य प्रेम आर्य, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद कोरंगा, सैनिक संगठन अध्यक्ष लाल सिंह कोरंगा, अधिवक्ता नवीन चंद , देवेंद्र कोरंगा, युवक मंगल दल अध्यक्ष मोहन सिंह कोरंगा, प्रिंस, हेमंत दानू, कुंदन अधिकारी, पूर्व प्रधान दीपा कोरंगा, सागर टाकुली, तनुज टाकुली, करन डफौटी, दीपा बिष्ट, उमा बिष्ट, पीतांबर चंदोला, भगत सिंह कोरंगा, गणेश पांडे, पूर्व सैनिक बीडी भट्ट, गंगा दफोटी, , रमेश चंद्र जोशी, पूर्व प्रधान नारायणी कोरंगा, बिशन सिंह कोरंगा, चंचल सिंह रौतेला, हेम सिंह नेगी, टिका नेगी, ललित कोरंगा समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।

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